मेरी मंजिल तू ... मेरा रास्ता तुझसे
है
कैसे जाऊं तुझसे दूर मैं
मुझे हासिल तू ... मेरा वास्ता तुझसे है.
कैसे जाऊं तुझसे दूर मैं
मेरा जीवन तू ... मेरे जीने की आशा तुझसे है
कैसे जाऊं तुझसे दूर मैं
मेरा हर कण तू ... मेरे होने की परिभाषा तुझसे है.
कैसे जाऊं तुझसे दूर मैं
मेरी आस तू ... मेरा अतीत तुझसे है
कैसे जाऊं तुझसे दूर मैं
मेरी सांस तू ... मेरा नसीब तुझसे है.
कैसे जाऊं तुझसे दूर मैं
मुझसे जुड़ा तू ... मेरा नाम तुझसे है
कैसे जाऊं तुझसे दूर मैं
मेरा खुदा तू ... मेरा राम तुझसे है.

so nice dude!!.... a talent is born ;)
ReplyDelete-Sumit Singh
thank you sumit :) ..have written 10-12 poems..will publish them from now on. need your feedback.
Deletenice
ReplyDeletethank you anshaj :)
Deletenice! one nitish :)
ReplyDeletethank you very much mehul :) ..
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